संदेश

geography लेबल वाली पोस्ट दिखाई जा रही हैं

पारिस्थितिकी किसे कहते है | भारतीय पारिस्थितिकी का जनक कौन हैं?

चित्र
पारिस्थितिकी किसे कहते है? पारिस्थितिकी विज्ञान की वह शाखा है जिसमें समस्त जीवों एवं वनस्पतियों तथा भौतिक पर्यावरण के मध्य अंतसंबंधों एवं विभिन्न जीवों के मध्य पारस्परिक अन्तसंबंधों का अध्ययन किया जाता है।   पारिस्थितिकी शब्द का उद्गम दो ग्रीक शब्दों Oikos जिसका अर्थ house (आवास) है एवं Logos= Study(अध्ययन) है से हुआ है। यहाँ आवास से तात्पर्य जीव-जंतुओं एवं पौधों के प्राकृतिक आवास या पर्यावरण से है। सर्वप्रथम जर्मन वैज्ञानिक रीटर ने 1868 ई. में यह शब्द का प्रयोग किया था। भारतीय पारिस्थितिकी का जनक कौन हैं? प्रो. रामदेव मिश्रा को भारतीय पारिस्थितिकी का जनक कहते हैं।  पारिस्थितिकी तंत्र : वातावरण के जैविक व अजैविक कारकों के समन्वय से निर्मित्त तंत्र पारिस्थितिकी तंत्र कहलाता है। पारिस्थितिकी तंत्र की कोई निश्चित सीमा नहीं होती है। पौधों और पशुओं के प्राकृतिक पारिस्थितिक समूह अपने क्षेत्र में एक बायोम के रूप में कार्य करते हैं। एक वायोम सबसे बड़ा स्थलीय समुदाय है। वर्षा, तापक्रम, मृदा की प्रकृति, अवरोध, अक्षांश एवं ऊँचाई आदि बायोम की प्रकृति तथा सीमा निर्धारित करते है। पारिस्थित...

Major Mountains and Plateaus of Rajasthan

चित्र
        राजस्थान के प्रमुख पर्वत पहाड़ियां व पठार Major Mountains and Plateaus of Rajasthan इस लेख में हमने राजस्थान के प्रमुख पर्वत पहाड़ियां व पठार का उल्लेख किया है जिसके बारे में निम्न तथ्य है ।   गुरुशिखर     :- अरावली  की पहाड़ियों में माउंट आबू सिरोही में स्थित राजस्थान की सबसे ऊंची पर्वत चोटी इसकी ऊंचाई 1722 मीटर है, किंतु कर्नल जेम्स टॉड की पुस्तक annals and antiquities of Rajasthan मैं इसकी ऊंचाई 1727 मीटर लिखी गई है ।यह हिमालय व पश्चिमी घाट की नीलगिरी के मध्य स्थित सर्वाधिक ऊंची चोटी है कर्नल टोड ने इसे   संतों का शिखर कहा है Major Mountains and Plateaus of Rajasthan सेर (सिरोही)  :-1597 मीटर ऊंची है। यह  राज्य के दूसरे सबसे ऊंची चोटी है दिलवाड़ा  :- राज्य की तीसरी सबसे ऊंची पर्वत चोटी है जिसकी लंबाई 1442 मीटर है जरगा:- उदयपुर 1431 मीटर ऊंची राज्य की चौथी सबसे ऊंची चोटी जो भोरठ के पठार में स्थित है। अचलगढ़ सिरोही:- 1380 मीटर ऊंची पर्वत श्रेणी है। रघुनाथगढ़ सीकर :-1055 मीटर ऊंची जोक...

Rajasthan's location and geographical spread

चित्र
राजस्थान की स्थिति एवं भौगोलिक विस्तार। Rajasthan's location and geographical spread हमारे देश का एक अभिन्न अंग राजस्थान जो की भौगोलिक स्थिति एवं अपने क्षेत्रफल से संपूर्ण भारत देश में एक अलग ही स्थान रखता है जो अत्यंत महत्वपूर्ण एवं जानने योग्य हैं।  राजस्थान का भौगोलिक विस्तार कुछ इस प्रकार है कि अरावली पर्वतमाला के कारण राजस्थान के दो भाग है। एक भाग उपजाऊ व अन्य भाग मरुस्थलीय है। राजस्थान पाकिस्तान से सटे होने के कारण भी चर्चा में है। भारतीय इतिहास के प्रमुख युद्ध  तो आइए जानते हैं राजस्थान की स्थिति एवं भौगोलिक विस्तार के बारे में । राजस्थान का क्षेत्रफल 342239   वर्ग किलोमीटर है। जो भारत के कुल क्षेत्रफल का 10.41%है। राष्ट्रीय स्वतंत्रता आंदोलन संबंधी प्रमुख नारे स्थिति :- राजस्थान प्रदेश 23°3'उत्तरी अक्षांश से 30°12'उत्तरी अक्षांश तथा 69°30'पूर्वी देशांतर से 78° 17'पूर्वी देशांतर के मध्य स्थित है। राजस्थान का अधिकांश भाग कर्क रेखा के उत्तर में स्थित है। कर्क रेखा राज्य में डूंगरपुर जिले की दक्षिण सीमा से होती हुई बांसवाड़ा जिले के लग...

भारत में पाई जाने वाली वनस्पति I भारत में पाए जाने वाले वन I

चित्र
हमारे देश में निम्न प्रकार की प्राकृतिक वनस्पतियां पाई जाती है। भारत में पाई जाने वाली वनस्पति (1) - उष्णकटिबंधीय वर्षा वन -  ये वन पश्चिमी घाटों के अधिक वर्षा वाले क्षेत्रों लक्ष्यदीप अंडमान और निकोबार दीप समूह, असम के ऊपरी भागों तथा तमिलनाडु के तट तक सीमित है। ये उन क्षेत्रों में भली-भांति विकसित है जहां 200 सेंटीमीटर से अधिक वर्षा के साथ एक थोड़े समय के लिए शुष्क ऋतु पाए जाते हैं । इन वनों में वृक्ष 60 मीटर या इससे अधिक ऊंचाई तक पहुंचते हैं क्योंकि ये क्षेत्र वर्ष भर गर्म तथा आर्द्र रहते हैं ,अतः यहां हर प्रकार की वनस्पति वृक्ष झाड़ियां वे लताएं उठती हैं और वनों में इनकी विभिन्न ऊंचाइयों से कई स्तर देखने को मिलते हैं । वृक्षों में पतझड़ होने का कोई निश्चित समय नहीं होता अतः यह साल भर हरे-भरे लगते हैं। इन वनों में सामान्य रूप से पाए जाने वाले जानवर -हाथी ,बंदर ,लैमूर और हिरण है। एक सींग वाले गैंडे असम और पश्चिम बंगाल के दलदली क्षेत्र में मिलते हैं। इसके अतिरिक्त इन जंगलों में कई प्रकार के पक्षी, चमगादड़ तथा कई रेंगने वाले जीव भी पाए जाते हैं। इन वनों के व्यापारिक ...

भारत का भूगोल

चित्र
  भारत का भूगोल - भारत एक विशाल देश है। यह उत्तरी गोलार्ध में स्थित है इसका मुख्य भाग 8°4' मिनट उत्तर से 37°6' उत्तर अक्षांश तथा 68°7' पूर्व से 97°5' पूर्वी देशांतर तक है कर्क रेखा 23°30' उत्तर में देश को लगभग 2 बराबर भागों में बांटती है। मुख्य भूभाग के दक्षिण पूर्व में, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह बंगाल की खाड़ी में तथा दक्षिण-पश्चिम में लक्ष्यदीप समूह अरब सागर में स्थित है। भारत का मानचित्र भारत का भूभाग का कुल क्षेत्रफल 32. 8 लाख वर्ग किलोमीटर है । भौगोलिक क्षेत्रफल का यह 2.4 प्रतिशत है ।भारत विश्व का सातवां बड़ा देश है ।भारत की स्थल सीमा रेखा लगभग 15,200 किमी और समुद्री तटरेखा अंडमान और निकोबार दीप समूह तथा लक्ष्य दीप समूह के साथ 7,516. 6 किलोमीटर है। भारत के उत्तर पश्चिम उत्तर तथा उत्तर पूर्वी सीमा पर नवीनतम वलित पर्वत है। इसके दक्षिण का भूभाग उत्तर में चौड़ा है और 22° उत्तरी अक्षांश ए हिंद महासागर की ओर संकरा होता गया है । इसके पश्चिम में अरब सागर तथा पूर्व में बंगाल की खाड़ी स्थित है। गुजरात से अरुणाचल प्रदेश के स्थानीय समय में 2 घंटे का अं...