संदेश

general knowledge लेबल वाली पोस्ट दिखाई जा रही हैं

उत्परिवर्तन किसे कहते है। What is mutation। उत्परिवर्तन के प्रकार

चित्र
उत्परिवर्तन उत्परिवर्तन किसे कहते हैं? (What is Mutation)- सजीवों (केन्द्रक) में आनुवांशिक पदार्थ का वितरण व प्रतिकृति (Distribution and replication) इतनी विधिपूर्ण (Precise) है कि एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी में आनुवांशिक सूचनायें प्रायः किसी भी परिवर्तन के बिना संचरित होती है,  लेकिन कभी-कभी आनुवांशिक पदार्थ की प्रतिकृति व वितरण दोनों में दोष मिलते हैं, जो कि एक जीव के गुणों में अचानक वंशागत परिवर्तनों को उत्पन्न करते हैं। ऐसे परिवर्तनों को ' उत्परिवर्तन ' कहते हैं।   जो परिवर्तन जनक पीढ़ी से संतति पीढ़ी में प्रेषित होते हैं उन्हें वंशागत परिवर्तन कहते हैं। जो युग्म विकल्पी परिवर्तित लक्षण प्ररूप उत्पन्न करते हैं, उन्हें उत्परिवर्ती युग्मविकल्पी कहते हैं। दूसरे शब्दों में किसी जीव में अचानक उत्पन्न हुए वंशागत परिवर्तनों को उत्परिवर्तन कहते हैं। (1) स्वतः उत्परिवर्तन प्रकृति में किसी भी अस्पष्ट या अज्ञात कारण के उत्परिवर्तन होते रहते हैं, अर्थात् उन्हें किसी उत्परिवर्तजन (Mautagen) द्वारा उत्पन्न नहीं किया जाता है, ऐसे उत्परिवर्तनों को स्वतः उत्परिवर्तन कहते हैं। स्वतः उत्परिवर्...

लाख कीट पालन। लाख कीट का जीवन चक्र।

चित्र
लाख कीट पालन क्या है?  लाख एक प्राकृतिक लीसा या रेजिन हैं जो एक कीट द्वारा स्त्रावण से प्राप्त होता है। इसे लाख कीट कहते हैं। लाख की प्राप्ति हेतु इन कीटो के संवर्धन की तकनीक लाख कीट पालन कहलाती हैं।  लाख कीट पालन मुख्यत किन राज्यों में होता है? भारत में मुख्य लाख उत्पादक राज्य बिहार, मध्यप्रदेश, प. बंगाल, आसाम, गुजरात, पंजाब, राजस्थान, (इंद्रगढ, जयपुर, करौली, झालावाड़, कोटा) व महाराष्ट्र है। लाख कीटों की अनेक जातियों में लैसीफर लैक्का सबसे महत्वपूर्ण है इससे व्यापारिक रूप से लाख प्राप्त किया जाता है। लाख कीट एक सूक्ष्म रेजिन सदृश्य रेंगने वाला, पतला कीट है जो अपनी चोंच को पादप उत्तक में डाल कर रस चूसता है व वृद्धि करता है। लाख इसके शरीर के पश्च भाग से स्त्रावित होती है। अंत में यह कीट स्वयं द्वारा बनाये कोष्ठिका में बंद हो जाता है। अधिक मात्रा में व्यापारिक लाख मादा कीट द्वारा स्त्रावित किया जाता है जो स्वयं के शरीर का रक्षा आवरण बनाता है, जो परपोषी पादप के लिये हानिकारक होता है। लाख कीट का जीवन-चक्र पूर्ण व्यस्क होने पर नर स्वयं के कक्ष को छोड़कर लाख की पपड़ी पर गतिमान ह...

मधुमक्खी पालन क्या है। मधुमक्खी पालन पर निबंध

चित्र
मधुमक्खी पालन क्या है। मधुमक्खी पालन पर निबंध मधुमक्खियों के कृत्रिम - पालन को 'एपीकल्चर' (apiculture) कहा जाता है। मनुष्य एवं अन्य जन्तुओं के लिए मधुमक्खियों द्वारा तैयार किया गया मधु (Honey) एक प्रमुख स्वास्थ्यवर्धक भोजन है।  मधुमक्खियों द्वारा तैयार किया गया मोम (wax) चिकित्सा एवं अन्य कार्यो के लिए प्रयोग किया जाता है। मधुक्खियों द्वारा पौधों में परपरागण (cross pollination) भी होता है। अतः ये कृषि के लिए भी महत्त्वपूर्ण है। मधुमक्खी का वर्गीकरण (Classification): संघ (Phylum) - आर्थ्रोपोडा (Arthropoda)  उपसंघ (subphylum) - मैण्डीवुलेटा (Mandibulata) वर्ग (class) - इन्सैक्टा (Insecta) उपवर्ग (subclss) - टैरीगोटा (Pterygota) गुण (Order) - हाइमिनॉप्टेरा (Hymenoptera) श्रेणी (Genus) - एपिस (Apis) स्वभाव एवं वासस्थान (Habits and Habitat): मधुमक्खी एक सामाजिक कीट है इसके मुखांग चूषण और बेधन दोनों प्रकार के होते है। इसमें पूर्ण-कायान्तरण (Complete meta morphosis) पाया जाता है। ये मकरंद (necter) और फूलों के पराग (pollen) पर भरण-पोषण करती है। मधुमक्ख्यिाँ छत्ते (Beehives)...

पारिस्थितिकी किसे कहते है | भारतीय पारिस्थितिकी का जनक कौन हैं?

चित्र
पारिस्थितिकी किसे कहते है? पारिस्थितिकी विज्ञान की वह शाखा है जिसमें समस्त जीवों एवं वनस्पतियों तथा भौतिक पर्यावरण के मध्य अंतसंबंधों एवं विभिन्न जीवों के मध्य पारस्परिक अन्तसंबंधों का अध्ययन किया जाता है।   पारिस्थितिकी शब्द का उद्गम दो ग्रीक शब्दों Oikos जिसका अर्थ house (आवास) है एवं Logos= Study(अध्ययन) है से हुआ है। यहाँ आवास से तात्पर्य जीव-जंतुओं एवं पौधों के प्राकृतिक आवास या पर्यावरण से है। सर्वप्रथम जर्मन वैज्ञानिक रीटर ने 1868 ई. में यह शब्द का प्रयोग किया था। भारतीय पारिस्थितिकी का जनक कौन हैं? प्रो. रामदेव मिश्रा को भारतीय पारिस्थितिकी का जनक कहते हैं।  पारिस्थितिकी तंत्र : वातावरण के जैविक व अजैविक कारकों के समन्वय से निर्मित्त तंत्र पारिस्थितिकी तंत्र कहलाता है। पारिस्थितिकी तंत्र की कोई निश्चित सीमा नहीं होती है। पौधों और पशुओं के प्राकृतिक पारिस्थितिक समूह अपने क्षेत्र में एक बायोम के रूप में कार्य करते हैं। एक वायोम सबसे बड़ा स्थलीय समुदाय है। वर्षा, तापक्रम, मृदा की प्रकृति, अवरोध, अक्षांश एवं ऊँचाई आदि बायोम की प्रकृति तथा सीमा निर्धारित करते है। पारिस्थित...

भारतीय इतिहास के महान् सम्राट - चन्द्रगुप्त मौर्य। सम्राट अशोक। मौर्य साम्राज्य

चित्र
मौर्य साम्राज्य - चन्द्रगुप्त मौर्य : (322 ई. पू.-298 ई. पू.) चन्द्रगुप्त मौर्य का जन्म 345 ई. पू. में हुआ था| पाटलिपुत्र चन्द्रगुप्त मौर्य के राज्य की राजधानी थी। चन्द्रगुप्त भारतीय इतिहास का प्रथम महान् सम्राट था। उसने अपने गुरू एवं मन्त्री विष्णुगुप्त, जिसे इतिहास में "चाणक्य' के नाम से आना जाता है, की सहायता से भारत को यूनानी शक्तियों से मुक्त कराया और मगध के नन्दवंशीय राजा घनानन्द को सिंहासन से पदच्युत कर मगध राज्य पर अपना अधिकार स्थापित किया।  चाणक्य ने 322 ई. पू. में उसका राज्याभिषेक किया।  यूनानी शासक सेल्युकस ने 305 ई. पू. में भारत पर आक्रमण किया था। इस आक्रमण में चन्द्रगुप्त मौर्य ने सेल्युकस को पराजित किया था। चन्द्रगुप्त मौर्य ने सेल्युकस निकेटर की पुत्री हेलन से विवाह किया। सेल्युकस ने मेगस्थनीज नामक अपना एक राजदूत चन्द्रगुप्त मौर्य के दरबार में भेजा मेगस्थनीज ने भारत पर 'इंडिका' नामक एक पुस्तक की रचना की थी।  जैन परम्पराओं के अनुसार अपने जीवन के अन्तिम दिनों में वह जैन हो गया तथा भद्रयाह की शिष्यता ग्रहण कर ली।  चन्द्रगुप्त के शासनकाल के अन्त में मगध मे...

अकबर

चित्र
                                अकबर अकबर अकबर  मुगल वंश का सबसे प्रतापी शासक था।अकबर ने भारत में अपना शासन कायम करने के पश्चात कई ऐसे कार्य के जो प्रशंसनीय हैं जो किसी भी प्रकार से भेदभाव रहित एवं सभी के लिए लाभदायक है अकबर ने हिंदुओं के धार्मिक कर को हटाया जो की तीर्थ यात्रा करने वालों पर लगाया जाता था अकबर कई मामलों में महान था किंतु उसके जीवन में सबसे बड़ा कलंक इस बात का था कि वह महाराणा प्रताप को हरा नहीं सका यद्यपि उसने पूरे भारत पर साम्राज्य स्थापित कर लिया था। इन्हें भी देखें :-  बाबर अकबर हुमायूं का पुत्र था। अकबर का नाम जलाल उद्दीन मोहम्मद था अकबर केवल उपाधि दी गई थी जिसका अर्थ महान होता है अकबर ने अपने शुरुआती जीवन में काफी संघर्ष किया। अकबर को मात्र 13 वर्ष की उम्र में शासक घोषित कर दिया गया किंतु सारे राज कार्य उनके संग रक्षक बैरम खान ही किया करते थे। अकबर को अकबर महान की उपाधि मिली हुई थी क्योंकि उनके कार्य हिंदू एवं मुस्लिम दोनों की एकता की ओर थे उन्हें दोनों संप्रदायों ...

बाबर

चित्र
                            बाबर  भारत में मुगल वंश की स्थापना बाबर ने की थी एवं मुगल वंश ने कई वर्षों तक भारत पर शासन किया। बाबर ने ही भारत में सर्वप्रथम तोपखाने एवं तुलुगमा पद्धति जो कि एक युद्ध पद्धति है का सर्वप्रथम प्रयोग भारत में किया । इससे पूर्व यहां इस पद्धति का प्रयोग नहीं किया जाता था यहां ज्यादातर छापामार एवं गोरिल्ला युद्ध पद्धति का प्रयोग किया जाता था एवं भारत की कई स्थापत्य कला एवं अन्य क्षेत्र मुगल काल के समय में विकसित हुए इसलिए मुगल काल एवं मुगल काल के समय की गई निर्माण का श्रेय बाबर को ही जाता है, क्योंकि यदि बाबर नहीं होता तो शायद ही मुगल वंश भारत पर  शासन करता। इन्हें भी देखें:- राजस्थान की स्थिति एवं भौगोलिक विस्तार भारतीय इतिहास में बाबर की एक महत्वपूर्ण भूमिका है    ज़हिर उद-दिन मुहम्मद  बाबर (14 फ़रवरी 1483 - 26 दिसम्बर 1530) जो  बाबर  के नाम से प्रसिद्ध हुआ, एक  जिनका मूल मध्य एशिया था।  वो  तैमूर लंग  का वंशज था, और विश्वास रख...

First Person of Rajasthan

चित्र
                      First Person of Rajasthan राजस्थान में उच्च शिक्षा प्राप्त व कुछ महान हस्तियों ने इसे पद प्राप्त किए हैं जो कि उल्लेखनीय है उन्होंने वे पद राजस्थान में सर्वप्रथम प्राप्त किए हैं जिनकी वजह से वह राजस्थान के प्रथम व्यक्तित्व की गरिमा से सम्मानित हुए हैं। राजस्थान के प्रथम व एकमात्र महाराज प्रमुख :-  महाराज भूपाल सिंह                                                                                 (उदयपुर) राजस्थान के प्रथम व एकमात्र राज्य प्रमुख:- महाराजा सवाई मानसिंह                                                                   ...

Major Mountains and Plateaus of Rajasthan

चित्र
        राजस्थान के प्रमुख पर्वत पहाड़ियां व पठार Major Mountains and Plateaus of Rajasthan इस लेख में हमने राजस्थान के प्रमुख पर्वत पहाड़ियां व पठार का उल्लेख किया है जिसके बारे में निम्न तथ्य है ।   गुरुशिखर     :- अरावली  की पहाड़ियों में माउंट आबू सिरोही में स्थित राजस्थान की सबसे ऊंची पर्वत चोटी इसकी ऊंचाई 1722 मीटर है, किंतु कर्नल जेम्स टॉड की पुस्तक annals and antiquities of Rajasthan मैं इसकी ऊंचाई 1727 मीटर लिखी गई है ।यह हिमालय व पश्चिमी घाट की नीलगिरी के मध्य स्थित सर्वाधिक ऊंची चोटी है कर्नल टोड ने इसे   संतों का शिखर कहा है Major Mountains and Plateaus of Rajasthan सेर (सिरोही)  :-1597 मीटर ऊंची है। यह  राज्य के दूसरे सबसे ऊंची चोटी है दिलवाड़ा  :- राज्य की तीसरी सबसे ऊंची पर्वत चोटी है जिसकी लंबाई 1442 मीटर है जरगा:- उदयपुर 1431 मीटर ऊंची राज्य की चौथी सबसे ऊंची चोटी जो भोरठ के पठार में स्थित है। अचलगढ़ सिरोही:- 1380 मीटर ऊंची पर्वत श्रेणी है। रघुनाथगढ़ सीकर :-1055 मीटर ऊंची जोक...

Rajasthan's location and geographical spread

चित्र
राजस्थान की स्थिति एवं भौगोलिक विस्तार। Rajasthan's location and geographical spread हमारे देश का एक अभिन्न अंग राजस्थान जो की भौगोलिक स्थिति एवं अपने क्षेत्रफल से संपूर्ण भारत देश में एक अलग ही स्थान रखता है जो अत्यंत महत्वपूर्ण एवं जानने योग्य हैं।  राजस्थान का भौगोलिक विस्तार कुछ इस प्रकार है कि अरावली पर्वतमाला के कारण राजस्थान के दो भाग है। एक भाग उपजाऊ व अन्य भाग मरुस्थलीय है। राजस्थान पाकिस्तान से सटे होने के कारण भी चर्चा में है। भारतीय इतिहास के प्रमुख युद्ध  तो आइए जानते हैं राजस्थान की स्थिति एवं भौगोलिक विस्तार के बारे में । राजस्थान का क्षेत्रफल 342239   वर्ग किलोमीटर है। जो भारत के कुल क्षेत्रफल का 10.41%है। राष्ट्रीय स्वतंत्रता आंदोलन संबंधी प्रमुख नारे स्थिति :- राजस्थान प्रदेश 23°3'उत्तरी अक्षांश से 30°12'उत्तरी अक्षांश तथा 69°30'पूर्वी देशांतर से 78° 17'पूर्वी देशांतर के मध्य स्थित है। राजस्थान का अधिकांश भाग कर्क रेखा के उत्तर में स्थित है। कर्क रेखा राज्य में डूंगरपुर जिले की दक्षिण सीमा से होती हुई बांसवाड़ा जिले के लग...

मानव शरीर से संबंधित महत्वपूर्ण तथ्य

चित्र
मानव शरीर से संबंधित महत्वपूर्ण तथ्य अस्थियों की कुल संख्या- 206 सबसे छोटी अस्थि-   स्टेपिज ( मध्य कर्ण )में सबसे लंबी अस्थि -  फीमर (जंघा में)मानव शरीर कशेरुकाओं की कुल संख्या - 33 पेशियों की कुल संख्या -639 सबसे लंबी पेशी - सारटोरियस बड़ी आंत्र की लंबाई -1.5 मीटर छोटी आंत्र की लंबाई -6.25 मीटर यकृत का भार पुरुष में- 1.4 - 1.8 किलोग्राम यकृत का भार महिला में -1. 2 -1.4 किलोग्राम सबसे बड़ी ग्रंथि -यकृत यह भी पढ़ें-  जंतु विज्ञान से संबंधित रोचक तथ्य सर्वाधिक पुनरुदभवन की क्षमता- यकृत सबसे कम पुनरुदभवन की क्षमता- मस्तिष्क सबसे बड़ी लार ग्रंथि -पैरोटिड शरीर का सामान्य तापमान- 37° सेल्सियस शरीर में रुधिर की मात्रा- 5.5 लीटर हिमोग्लोबिन की औसत मात्रा पुरुष में - 13-16g/dl महिला में -11.5-14g/dl WBCs की संख्या 5000 - 10000 cu mm. सबसे छोटी WBC -लिंफोसाइट  सबसे बड़ी WBC -मोनोसाइट RBCs का जीवनकाल -120 दिन WBC का जीवनकाल- 2 से 5 दिन रुधिर का थक्का बनने का समय -3-6 मिनट सर्वग्राही रुधिर वर्ग -AB सर्वदाता रुधि...

जंतु विज्ञान से संबंधित प्रमुख तथ्य

चित्र
जंतु विज्ञान से संबंधित प्रमुख तथ्य  सबसे बड़ा स्तनी- नीली व्हेल सबसे बड़ा विशाल स्थलीय स्तनी- हाथी  सबसे बड़ी अस्थि- फिमर सबसे बड़ा सर्प- अजगर सबसे बड़ी मछली- रिनोडॉन टाइपस सबसे बड़ा सीलेन्ट्रेट- साइनिया, जेलीफिश सबसे बड़ा अंडा- शुतुरमुर्ग का सबसे बड़ी शिरा- इनफीरियर वेना केवा सबसे बड़ा स्थलीय पक्षी- शुतुरमुर्ग विशालतम जीवित सरीसृप- टर्टिल विश्व में सबसे विषैला सर्प- ऑस्ट्रेलिया का पेनिन्सुलर टाइगर सर्प सबसे लंबा स्तनी- जिराफ सबसे छोटी चिड़िया- हमिंग बर्ड दांत रहित स्तनी- चिंटीखोर शरीर का सबसे व्यस्त भाग- यकृत सबसे भारी कशेरूका- लुम्बर सबसे मजबूत पेशी- जबड़े की आदमी को प्रतिदिन आवश्यक कैलोरी- 3900 कैलोरी महिलाओं को प्रतिदिन आवश्यक कैलोरी- 2400 कैलोरी सबसे पुराना प्राइमेट-लीमर  यह भी देखें  First  Person of Rajasthan सबसे पुराना आर्थोपोड- पेरीपेटस सबसे पुराना स्तनी- एकिडना सबसे पुराना कपि- गिब्बन सबसे विषैला भारतीय सर्प- किंग कोबरा सबसे विषैली छिपकली- हीलोडर्मा सबसे विषैली मछली- स्टोन मछली अंडे देने व...

भारतीय इतिहास के प्रमुख युद्ध

चित्र
भारतीय इतिहास के प्रमुख युद्ध भारतीय इतिहास के प्रमुख युद्ध  सिकंदर व पोरस -    326 ई.पू.    वितस्ता /  झेलम का युद्ध तराइन का प्रथम युद्ध- 1191      मोहम्मद गौरी और पृथ्वीराज चौहान तराइन का द्वितीय युद्ध- 1192    मोहम्मद गौरी और पृथ्वीराज चौहान चंदावर का युद्ध- 1194             मोहम्मद गोरी व राजा जयचंद पानीपत का प्रथम युद्ध- 1526    बाबर और इब्राहिम लोदी  यह भी जाने  मनुष्य में श्वसन खानवा का युद्ध- 1527             बाबर व राणा सांगा चंदेरी का युद्ध- 1528               बाबर व मेदिनीराय चौसा का युद्ध -1529               हुमायूं व शेरशाह सूरी घाघरा का युद्ध- 1539              बाबर व अफगान यह भी जाने- स्वतंत्रता संग्राम के प्रमुख नारे बिलग्राम का युद्ध- 1540        ...

राष्ट्रीय स्वतंत्रता आंदोलन संबंधी प्रमुख नारे

चित्र
राष्ट्रीय स्वतंत्रता आंदोलन संबंधी प्रमुख नारे राष्ट्रीय स्वतंत्रता आंदोलन संबंधी प्रमुख नारे  बाल गंगाधर तिलक- "स्वराज हमारा जन्मसिद्ध अधिकार है" रामप्रसाद बिस्मिल -"सरफरोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है" इकबाल -"सारे जहां से अच्छा हिन्दोस्ताँ हमारा"  बंकिमचंद्र चटर्जी -"वंदे मातरम" महात्मा गांधी -"हमने घुटने टेक कर रोटी मांगी किंतु पत्थर मिले" रवींद्रनाथ टैगोर- "जन गण मन अधिनायक जय है" जवाहरलाल नेहरू- "हु लिव्स इफ इंडिया डाइज" भगत सिंह -"इंकलाब जिंदाबाद"  यह भी जाने- नमक यात्रा और सविनय अवज्ञा आंदोलन सुभाष चंद्र बोस- "दिल्ली चलो" महात्मा गांधी -"करो या मरो" सुभाष चंद्र बोस- "जय हिंद" महात्मा गांधी और जवाहरलाल नेहरू ( क्रिप्स प्रस्ताव के संदर्भ में)-  "यह एक ऐसा चेक है जिसका बैंक पहले ही नष्ट हो जाने वाला था" सी आर दास -"समूचा भारत एक विशाल बंदीगृह हैं" लाला लाजपत राय- "मेरे शरीर पर पड़ी एक-एक लाठी ब्रिटिश साम्राज्य ...

भारत की प्रमुख जनजातियां

चित्र
 भारत की प्रमुख जनजातिया भारतीय जनजातियां  जम्मू कश्मीर -बकरवाल, गद्.दी आदि हिमाचल प्रदेश- गुर्जर ,किन्नर, गद्.दी राजस्थान- भील ,मीणा ,कथोङिया, गरासिया आदि आंध्र प्रदेश- चेंचू, यनाड़ी ,कुरुम्बा ,खोण्ड ,बगडाज, कोया ,वगोटा आदि केरल- इरुला, कुरुम्बा ,कडार, पुलियान आदि तमिलनाडु -टोडा ,कोटा, कुरुम्बा, बड़ागा आदि अंडमान एवं निकोबार- ग्रेट अंडमानी, निकोबारी ,ओंगे, जारवा, शौम्पेन, सेण्टेनलीज आदि अरुणाचल प्रदेश - अप्तानी, मिशमी, डफला ,मिरी ,आका ,सिंगपों ,खामती भारत के प्रमुख वायसराय व उनके समय हुई प्रमुख घटनाएं झारखंड -सन्थाल ,पहाड़िया, मुण्डा ,हो ,बिरहोर ,ओरावँ, खरिया, तमारिया असम -चकमा ,मिकिर ,कचारी, बोरो आदि मेघालय- गारो ,खासी, जयंतिया ,हमार आदि मणिपुर- कुकी ,लेपचा ,मुघ आदि त्रिपुरा -भूटिया ,चकमा ,गारो ,कुकी आदि मिजोरम- मिजो ,लाखेर आदि पश्चिम बंगाल -असुर, भूमिज, बिरहोर, लोधा ,लेपचा ,महाली ,मालपहाड़िया ,पोलिया आदि उत्तर प्रदेश एवं उत्तराखंड -थारू  ,भोटिया, जौनसारी ,भोक्सा, राजी ,खासा ,भुइयाँ ,खरवाड. ,मांझी ,कोल आदि ओडिशा -जुआंग ,संवा...

भारत के प्रमुख वायसराय व उनके समय हुए प्रमुख परिवर्तन अथवा घटनाएं

चित्र
 भारत के प्रमुख वायसराय व उनके समय हुए प्रमुख परिवर्तन अथवा घटनाएं - भारत के प्रमुख वायसराय एवं उनके समय हुए प्रमुख परिवर्तन अथवा घटनाएं -लॉर्ड हार्डिंग  लॉर्ड कैनिंग 1856 - 1862 ई. - अंतिम गवर्नर जनरल व प्रथम वायसराय 1857 का विद्रोह, ट्रेनों का विस्तार, कोलकाता, मुंबई और मद्रास विश्वविद्यालय की स्थापना(1857) भारत में बजट पद्धति का प्रारंभ तथा हाई कोर्टों की स्थापना । लॉर्ड लिटन 1876 -1884ई. - दिल्ली दरबार का आयोजन, महारानी विक्टोरिया को केसर -ए-हिंद की उपाधि । वर्नाक्यूलर प्रेस एक्ट तथा इंडियन आर्म्स एक्ट।  लॉर्ड रिपन (1880-1884) - अफगान युद्ध की समाप्ति, इल्बर्ट बिल पर बहस, प्रेस की स्वतंत्रता ,प्रथम फैक्ट्री अधिनियम ,स्थानीय स्वशासन की शुरुआत ,जनगणना प्रणाली की स्थापना, स्कूली शिक्षा हेतु हण्टर आयोग की नियुक्ति । लॉर्ड कर्जन (1899 -1905) - शासन तथा शिक्षा सुधार ,महामारी और अकाल ,भारतीय विश्वविद्यालय अधिनियम 1904 ,पुलिस आयोग का गठन ,टॉमस रैले विश्वविद्यालय आयोग का गठन ,रेलवे बोर्ड का गठन ,बंगाल का विभाजन लॉर्ड हार्डिंग द्वितीय ( 1910 - 1916 ) - सम्राट ...

भारत में प्रथम महिला

 भारत में प्रथम महिला राष्ट्रपति - श्रीमती प्रतिभा पाटिल प्रधानमंत्री - श्रीमती इंदिरा गांधी इंग्लिश चैनल तैरकर पार करने वाली- आरती साहा भारत एवं विश्व दोनों में राज्यपाल - श्रीमती सरोजनी नायडू विदेश मंत्री- सुषमा स्वराज आईपीएस - किरण बेदी राष्ट्रीय कांग्रेस की अध्यक्ष- ए नी बेसेण्ट संघ लोक सेवा आयोग की अध्यक्ष - रोज मिलियन मैथ्यू नोबेल पुरस्कार विजेता- मदर टेरेसा शांति हेतु मिस वर्ल्ड से सम्मानित - सुश्री रीता फारिया मिस यूनिवर्स -सुश्री सुष्मिता सेन लोकसभा अध्यक्ष - मीरा कुमार ( 2009) देश की मेयर- सुश्री तारा चेरियन (मद्रास में वर्ष 1957) केंद्रीय मंत्रिमंडल में मंत्री - राजकुमारी अमृत कौर मुख्यमंत्री - सुचेता कृपलानी (उत्तर प्रदेश में) सांसद - सुश्री राधाबाई सुबारायन सर्वोच्च न्यायालय की न्यायाधीश - न्यायमूर्ति मीरा साहिब फातिमा बीबी उच्च न्यायालय की मुख्य न्यायाधीश- न्यायमूर्ति लीला सेठ हिमाचल प्रदे श देश की सत्र न्यायधीश-  सुश्री अन्ना चांडी केरल में  यह भी जाने- भारत में प्रथम पुरुष माउंट एवरेस्ट विजेता पर्वतारोही-...